शनिवार, दिसंबर 10, 2022

पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ऑनलाइन सिनेमा विशेष साहित्यिक महोत्सव के प्रतिभागी रचनाकार सम्मानित।

पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा सिनेमा के महत्व तथा उपयोगिता का अहसास लोगों को करवाने के उद्देश्य से ऑनलाइन सिनेमा विशेष साहित्यिक महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका 'विषय - ऐच्छिक फिल्मी नाम' रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया। जिन्होंने दिए गए विषय पर आधारित एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट रचनाओं को प्रस्तुत कर महोत्सव की शोभा में चार चाँद लगा दिए और महोत्सव को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस महोत्सव में एक ओर जहां वरिष्ठ रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट साहित्यिक शैली का प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर समूह से जुड़े नवीन रचनाकारों ने भी अपनी अनूठी रचनाओं से समूह का ध्यान आकर्षित किया। महोत्सव में सम्मिलित सभी प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को ऑनलाइन 'पुनीत साहित्य ज्योति' सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने सिनेमा के महत्व व विशेषता के बारे में बताते हुए‌ कहा कि सिनेमा मनोरंजन के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने का महत्वपूर्ण साधन है। यदि सिनेमा जैसे सशक्त साधन का ठीक ढंग से प्रयोग किया जाए तो यह समाज के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। इसके साथ ही उन्होंने महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया तथा सम्मान पाने वाली सभी प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को उज्ज्वल साहित्यिक जीवन की शुभकामनाएं दी। उन्होंने समूह द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न ऑनलाइन कार्यक्रमों में लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सादर आमंत्रित भी किया। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके समूह की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम कल्पना यादव, सीमा मोटवानी, दीप्ति शर्मा दीप रचनाकारों के रहे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

💠 तीज आधारित लघुकथाएं 💠

 1. ( माँ की हरी साड़ी ) शादी के बाद पहली तीज पर बेटी मायके नही जा पाती। माँ अपनी पुरानी हरी साड़ी काटकर उसके लिए एक छोटा-सा पोटली बैग सिलकर...