मंगलवार, जुलाई 20, 2021

* चादर देखकर पांव पसारना *

चादर देखकर पांव पसारना

अपनी हैसियत का ध्यान रखना।


माना जीवन बड़ा कठिन है

संयम से चलना जीवन नियम है

अपनी इच्छा का मोल समझो

पूर्ण करने की हिम्मत रखो।


अपने से ऊपर मत देखो

नीचे देख कर धैर्य रखो

चांद तारे किसी को नहीं मिलते

धरती पर ही भवन बनते।


आकांक्षा की सीमा नही होती

पूर्ण की शक्ति सब में नहीं होती

सुख दुख जीवन का रेला

एक आता दूसरा जाता झमेला।


जीवन एक तपस्या है

ज्ञानजोत एक समस्या है

मिलती जिसको है संतुष्टि

उसका जीवन व्यवस्था है।


जिसके पास अपार संपत्ति

जाना है उसको भी खाली

फिर काहे की हाहाकारी

रहना हमेशा सदाचारी।


जो धैर्य संतोष से चलता

जीवन उसका निरन्तर चलता

भारती चादर जितने पांव पसारे

जीवन सौंदर्य वही संवारे।

              ✍️ भारती अग्रवाल ( नोएडा, उत्तर प्रदेश )







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