पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा हिंदी मुहावरों की विशेषता तथा सुन्दरता दर्शाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन "मुहावरा आधारित साहित्यिक महोत्सव" का आयोजन किया गया। जिसका विषय 'ऐच्छिक चयनित मुहावरा' रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया तथा एक से बढ़कर एक मुहावरों पर आधारित अपनी अनुपम रचनाओं को प्रस्तुत कर मंच पर अपनी रचनात्मक प्रतिभा को बखूबी प्रदर्शित किया। इस महोत्सव में निर्मला कर्ण (राँची, झारखण्ड) और संध्या शर्मा (मोहाली, पंजाब) की मुहावरों से सुसज्जित और अलंकृत रचनाओं ने सभी का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। इस महोत्सव में सम्मिलित सभी प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को ऑनलाइन "पुनीत रचनात्मक ज्योति" सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाकारों की रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन तथा उत्साहवर्धन किया और कहा कि "पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह" इसी तरह आगे भी ऑनलाइन 'साहित्यिक महोत्सवों के माध्यम से रचनाकारों को अपनी रचनात्मकता दिखाने का अवसर प्रदान करता रहेगा तथा रचनाकारों को सम्मानित करके उनका उत्साहवर्धन करता रहेगा। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके समूह की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम मंजू शर्मा, प्रतिभा तिवारी, संगीता सिंघल विभु, डॉ. उमा सिंह बघेल, अनुपमा तोषनीवाल, डाॅ. ऋतु नागर, संध्या शर्मा, दीप्ति श्रीवास्तव खरे, डाॅ. सरला सिंह "स्निग्धा", चंचल जैन, कुसुम अशोक सुराणा, हरप्रीत कौर, भारती अग्रवाल, सुनीला गुप्ता, निर्मला सिन्हा, निर्मला कर्ण, मीता लुनिवाल रचनाकारों के रहे।
रचनाकारों, कलाकारों, प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को प्रोत्साहित करने का विशेष मंच।
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