पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा शारीरिक अंगों के महत्व, विशेषता तथा उपयोगिता को दर्शाने के लिए ऑनलाइन काया विशेष साहित्यिक महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका 'विषय - काया है विशेष' रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया। जिन्होंने एक से बढ़कर एक बेहतरीन शरीर के अंगों के महत्व तथा विशेषता पर आधारित रचनाओं को प्रस्तुत कर ऑनलाइन काया विशेष साहित्यिक महोत्सव में चार चाँद लगा दिए। इस महोत्सव में सम्मिलित प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को ऑनलाइन 'पुनीत साहित्य गौरव' सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने मानव की काया को ईश्वर का सबसे अनमोल उपहार बताते हुए काया के समस्त अंगो का ध्यान रखने के लिए लोगों को प्रेरित किया और महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि समूह आगे भी इसी तरह से अपने सामाजिक दायित्व की पूर्ति हेतु ऑनलाइन साहित्यिक महोत्सव आयोजित करता रहेगा तथा नए रचनाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऑनलाइन साहित्यिक मंच उपलब्ध करवाता रहेगा। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके समूह की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम भारती राय और रंजन लाल 'बेफिक्र' रचनाकारों के रहे।
रचनाकारों, कलाकारों, प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को प्रोत्साहित करने का विशेष मंच।
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बहुत बहुत धन्यवाद आभार आपका 😊😊🌹🌹💐💐
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