पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा हिंदी भाषा के महत्व तथा विशेषता को दर्शाने के लिए ऑनलाइन हिंदी विशेष साहित्यिक महोत्सव का आयोजन किया गया। जिसका 'विषय - हिंदी का महत्व' रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया। जिन्होंने हिंदी भाषा के महत्व तथा विशेषता पर आधारित अपनी बेहतरीन रचनाओं को प्रस्तुत करके हिंदी भाषा के प्रति अपने अटूट स्नेह एवं आदर भाव को प्रकट किया तथा महोत्सव को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस महोत्सव में अनिल कुमार केसरी ( बूंदी, राजस्थान ) की रचना ने समूह का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। महोत्सव में सम्मिलित सभी प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को ऑनलाइन 'पुनीत हिंदी रत्न' सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने हिंदी भाषा तथा हिंदी भाषा के विद्वानों को कोटि-कोटि नमन करते हुए समस्त देशवासियों को हिंदी भाषा को हृदय से अपनाने के लिए प्रेरित किया और महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया। इसके साथ ही उन्होंने समूह द्वारा आयोजित होने वाले विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए हिंदी रचनाकारों को सादर आमंत्रित भी किया। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके समूह की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम अनिल कुमार केसरी, श्वेता शुक्ला और मोना चंद्राकार मोनालिसा रचनाकारों के रहे।
रचनाकारों, कलाकारों, प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को प्रोत्साहित करने का विशेष मंच।
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