पुनीत अनुपम ग्रुप द्वारा नारी महत्व को दर्शाने व नारी गुणों को नमन करने के उद्देश्य से ऑनलाइन ‘नारी कल्याणकारी साहित्यिक महोत्सव’ का आयोजन किया गया। जिसमें रचनाकारों को नारी से संबंधित दस अलग-अलग विषयों के विकल्प देकर उनमें से किन्हीं दो विषयों का चयन करके चयनित विषयों पर आधारित रचनाएं लिखने के लिए कहा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया। जिन्होंने दिए गए विषयों पर आधारित एक से बढ़कर एक उत्कृष्ट रचनाओं के द्वारा नारी गुणों का गुणगान करते हुए महोत्सव की शोभा में चार चाँद लगा दिए और महोत्सव को सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस महोत्सव में एक ओर जहां वरिष्ठ रचनाकारों ने अपनी विशिष्ट साहित्यिक शैली का प्रदर्शन किया तो दूसरी ओर ग्रुप से जुड़े नवीन रचनाकारों ने भी अपनी अनूठी भावनाओं और विचारों से ग्रुप का ध्यान आकर्षित किया। महोत्सव में सम्मिलित होकर उत्कृष्ट रचनाएं प्रस्तुत करने वाले रचनाकारों को ऑनलाइन 'पुनीत साहित्य श्री' सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ग्रुप के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने संसार की समस्त महिलाओं को कोटि-कोटि नमन करते हुए उनकी सांसारिक उपलब्धियों और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में उनके निस्वार्थ सहयोग की सराहना की। उन्होंने महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन व उत्साहवर्धन किया तथा सम्मान पाने वाली सभी रचनाकार शख्सियतों को उज्ज्वल साहित्यिक जीवन की शुभकामनाएं दी। इसके साथ ही उन्होंने ग्रुप द्वारा आयोजित होने वाले भिन्न-भिन्न ऑनलाइन साहित्यिक कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए रचनाकारों को सादर आमंत्रित भी किया। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके ग्रुप की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम रागिनी ठाकुर, संध्या शर्मा, सुमित्रा कुमारी रजक, शिखा चंदेल, सुरिंदर अजनबी, रत्ना वाधवानी, मीनू शर्मा, श्रीजी जैन, प्रियंका पुष्करणा रचनाकारों के रहे।
रचनाकारों, कलाकारों, प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को प्रोत्साहित करने का विशेष मंच।
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
पुनीत अनुपम ग्रुप द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ऑनलाइन ‘नारी कल्याणकारी साहित्यिक महोत्सव’ के प्रतिभागी रचनाकार सम्मानित।
पुनीत अनुपम ग्रुप द्वारा नारी महत्व को दर्शाने व नारी गुणों को नमन करने के उद्देश्य से ऑनलाइन ‘नारी कल्याणकारी साहित्यिक महोत्सव’ का आयोजन क...
-
बन जाते हैं कुछ रिश्ते ऐसे भी जो बांध देते हैं, हमें किसी से भी कुछ रिश्ते ईश्वर की देन होते हैं कुछ रिश्ते हम स्वयं बनाते हैं। बन जाते हैं ...
-
स्त्री कौन हो तुम …? पर्याय लगती हो धरा की धीरता से धीर धरती इक - इक कदम गिरती - संभलती हो पल्लू में ब्रम्हाण्ड ...
-
पुनीत अनुपम ग्रुप द्वारा लोगों को स्नेह के महत्व और विशेषता का अहसास करवाने के उद्देश्य से ऑनलाइन स्नेह ध्येय सृजन महोत्सव का आयोजन किया गया...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें