शनिवार, सितंबर 04, 2021

🌼 सर्वप्रथम शिक्षक को प्रणाम 🌼

जिनके बिना ज्ञान अधूरा,
जो होते पथ प्रदर्शक सहारा
करते उजाला सूरज बनकर
जैसे कुम्हार तैयार करता
माटी का स्वरूप साकार
एक गुरु एक शिक्षक
होते ज्ञान के समीक्षक
निर्माण करते व्यक्तित्व सुंदर
देते समाज को एक मानव बेहतर
दूर करते तम रूपी अंधकार
लाते सगुण सुविचार
ये सच्चे अर्थो में जीवन निर्माता
ज्ञान देकर करते सहायता
विद्या से करते हमे परिपूर्ण
इनकी महत्ता सर्वोच्च सम्पूर्ण
ईश्वर से भी ऊंचा इनका स्थान
सर्वप्रथम इनको करो प्रणाम 

       ✍️ वाणी कर्ण‌‌‌ ( काठमांडू, नेपाल )
         

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