पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह द्वारा विश्व दृष्टि दिवस के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्तर पर ऑनलाइन "विश्व दृष्टि दिवस साहित्यिक महोत्सव" का आयोजन किया गया। जिसका विषय 'आँखें है अनमोल' रखा गया। इस महोत्सव में देश के अलग-अलग राज्यों के रचनाकारों ने भाग लिया तथा आँखों के महत्व और विशेषता पर आधारित अपनी बेहतरीन रचनाओं को प्रस्तुत कर आँखों की देखभाल के प्रति लोगों को जागरूक किया। इस महोत्सव में सरोज कंचन ( कानपुर, उत्तर प्रदेश ), डॉ. ऋतु नागर ( मुंबई, महाराष्ट्र ) और डॉ. सुधा मिश्रा ( लखनऊ, उत्तर प्रदेश ) की रचनाओं ने सभी का ध्यान विशेष रूप से आकर्षित किया। इस महोत्सव में सम्मिलित सभी प्रतिभागी रचनाकार शख्सियतों को ऑनलाइन "पुनीत साहित्य ज्योति" सम्मान देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष पुनीत कुमार जी ने आँखों को शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग बताते हुए तथा बच्चों को कम उम्र में चश्मा लगने के प्रति गंभीर चिंता जाहिर करते हुए बच्चों सहित सभी को अपनी आँखों का ध्यान रखने के लिए प्रेरित किया और महोत्सव में प्रस्तुत की गई रचनाओं पर अपनी महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया देकर रचनाकारों का मार्गदर्शन तथा उत्साहवर्धन भी किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पुनीत अनुपम साहित्यिक समूह अपने सामाजिक दायित्व को निभाते हुए आगे भी इसी तरह से समाज में जागरूकता उत्पन्न करने वाले ऑनलाइन साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा तथा रचनाकारों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने के लिए मंच उपलब्ध कराता रहेगा। इस महोत्सव में उत्कृष्ट रचना प्रस्तुत करके समूह की शोभा बढ़ाने वालों में प्रमुख नाम सरोज कंचन, डाॅ. ऋतु नागर, डॉ. सुधा मिश्रा, प्रतिभा तिवारी, पल्लवी सिन्हा, डॉ. उमा सिंह बघेल, डॉ. लीना झा चौधरी, मुकेश बिस्सा, मीता लुनिवाल रचनाकारों के रहे।
रचनाकारों, कलाकारों, प्रतिभाशाली लोगों और उत्कृष्ट कार्य करने वाली शख्सियतों को प्रोत्साहित करने का विशेष मंच।
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पुनीत अनुपम ग्रुप द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय ऑनलाइन ‘हिंदी विशेष सृजन महोत्सव’ के प्रतिभागी रचनाकार सम्मानित।
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