शुक्रवार, अक्टूबर 15, 2021

💢 नेकी का रास्ता 💢

सारी लंका जला गई,
पर नहीं जली विभीषण की कुटिया,
देखो अच्छाई की ताकत,
इस पर ही टिकी सारी दुनिया।

कोई जो मन में द्वेष रखे,
करे दूजे की उन्नति से वैर सदा,
कैसे निज हो प्रगति उसकी,
जो कर ले जीवन को नेकी से जुदा।

सच्चाई हो मन में सबके लिए,
जल जाता पानी से दीपक,
अच्छाई की महिमा अनंत,
जीवन होता आनंद दायक।

नेकी का रास्ता अपनाओ,
बद्दुआ से रहोगे दूर हरदम,
करो गरीबों की सेवा,
हो जाएगा दूर तेरा हर गम।

     ✍️ पल्लवी सिन्हा ( मुज़फ़्फ़रपुर, बिहार )



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

🌟 भाग्य और कर्म 🌟

भाग्य और कर्म दोनों हैं जीवन के दो महत्वपूर्ण छोर,  एक है बंद खिड़की जैसी, दूजा खींचे उजाले की ओर।  कहते हैं जो लिखा भाग्य में, वो तो आगे आए...