रविवार, नवंबर 01, 2026

💞 करवा चौथ का पर्व 💞









चाँद की चाहत में सजती है हर सुहागन आज,

हाथों की मेहंदी बताती पत्नी को पति पर कितना नाज़।


माथे पर बिंदिया चमके, माँग में सिंदूर सुहाता है,

यह सिर्फ व्रत नही, जन्मों का पवित्र नाता है।


सुबह सरगी की थाली से जो आशीर्वाद शुरू होता है,

मन में पिया की लंबी उम्र का अटूट विश्वास होता है।


निर्जला रहकर दिनभर जो व्रत नारी निभाती है,

सच्ची श्रद्धा से वो यमराज से भी जीत जाती है।


छलनी की ओट से जब वो पिया का दीदार करती है,

अमृत से मीठे उस पल का वो बेसब्री से इंतज़ार करती है।


दीपक की मद्धम लौ में पिया का चेहरा मुस्काता है,

चाँद को अर्घ्य देकर दिल खुशियों से भर जाता है।


पति के हाथों से पानी पीकर जब व्रत पूरा होता है,

सच्ची मोहब्बत का वो लम्हा कितना प्यारा होता है।


रहे सलामत जोड़ी सबकी, रब से बस यही दुआ है,

करवा चौथ का यह पर्व, प्यार से ही विशेष हुआ है।


✍️ श्रीजी जैन ( शाहदरा, दिल्ली )

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