शनिवार, अक्टूबर 10, 2026

🙍‍♀️ नारी की आवाज 🙍‍♀️








दृढ़ प्रतिज्ञा और परिश्रम से विश्व में नाम कमाया है 

स्वर्ण पदक लाकर के जीवन सफल बनाया है, 

जो हमसे टकराया है वह आजीवन पछताया है, 

नारी शक्ति को कम मत समझो,

जिसने हर क्षेत्र में आज कदम बढ़ाया है।


रानी लक्ष्मी बनकर हमने रण कौशल दिखलाया था, 

कंधे पर पुत्र को बांध अंग्रेज मार भगाए थे,

सती सावित्री बनकर तीन वरदान मांग लिए, 

यमराज को भी किया विवश सत्यवान के प्राण बचाए थे।


कल्पना चावला बनकर अंतरिक्ष तक अपने कदम बढ़ाया था, 

मीरा चानू बनकर ओलंपिक में पदक दिलाया था,

एशियन गेम्स में सफलता का परचम हमने लहराया है, 

पदक पाकर विजय दिलाई राष्ट्रीय ध्वज लहराया है, 

राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत का सम्मान बढ़ाया है।


वैज्ञानिक आविष्कारों को हमने जन-जन तक पहुंचाया है,

मां पत्नी बेटी बहन बनकर सारे रिश्तों को खूब निभाया है,

त्याग और कठिन परिश्रम से प्यारा घर संसार बसाया है।


शिक्षिका बनकर अज्ञान तिमिर को दूर भगाया है, 

चिकित्सिका के रूप में लोगों को कष्टों से मुक्त कराया है, 

विश्व के हर क्षेत्र में हमने आज कदम से कदम मिलाया है,

नारी को अबला मत मानो, 

वायुयान और वंदे भारत पर अपना अधिकार जमाया है।


✍️ वसुधा श्रीवास्तव ( भोपाल, मध्य प्रदेश )

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🙍‍♀️ नारी की आवाज 🙍‍♀️

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