रविवार, अक्टूबर 04, 2026

💞 जब तुम मुझे मिले 💞








जब तुम मुझे मिले तो 

ख्वाबों ने जैसे सच होना सीख लिया 

मेरी खामोश दुआओ ने 

तुम्हारा नाम लेना सीख लिया

जो मांगा था कान्हा से कभी 

तुमने वो बनकर मुझे अपना लिया….


जब तुम मुझे मिले तो

मेरे सारे ग़मो को

एक पल में दूर कर गए

मेरी सारी परेशानियों को 

अपनी मुस्कान में समेट गए

मेरी सारी प्रार्थनाओं को

तुमने वरदान सा बना दिया….


जब तुम मुझे मिले तो 

एक-एक कर सब ख्वाब पूरे होने लगे

मेरी अधूरी सी जिंदगी में मानो 

सारे रंग पूरे होने लगे….


जब तुम मुझे मिले तो 

मैं प्रेम को परमेश्वर बना पूजने लगी

तुम्हारे साथ बिताया हर पल

मैं कविता बना लिखने लगी….


जब तुम मुझे मिले तो 

सारी कहानियां, कविताएं सार्थक होने लगी

मेरी जिन्दगी की हर खामोश दुआ 

तुमसे मिलकर मुक्कमल होने लगी 

जब तुम मुझे मिले तो 

मैं तुम में ही घुलने लगी….


✍️ प्रियंका पुष्करणा ( चित्तौड़गढ़, राजस्थान )

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