मंगलवार, नवंबर 03, 2026

💞 प्यार मोहब्बत का जमाना 💞









तेरी गली में आना जाना बहुत रहा 

वो प्यार मोहब्बत का जमाना बहुत रहा


इंतज़ार में दिन, आँखों में सारी रातें

ऐसे भी रोज साथ निभाना बहुत रहा


शाने पे तेरे रोना, तुझ बिन न चैन पाना

सारे जहां में ये अफ़साना बहुत रहा


वफ़ा, इंतज़ार, ऐतबार, शिकायत रोज-रोज 

मेरा भी तुमको रोज मनाना बहुत रहा


चर्चा का विषय मोहल्ले में सबके बीच था

कुमार भी तेरे लिए दीवाना बहुत रहा 


✍️ डॉ० कुमार धीरेन्द्र ( अल्मोड़ा, उत्तराखंड )

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